शायरी क्या है ?
जिंदगी ही तो है
"बस बयां करनी कुछ सलीके से है "
जिंदगी क्या है ?
मोती ही तो हैँ
"बस पिरोनी यादों के धागे में कुछ तरीके से है "
ये यादें क्या है ?
लम्हे ही तो हैं
"बस जीना जिन्हे जिंदादिली से है "
.........और..........
ये लम्हे क्या हैं ?
जीवन की घडी का वो हर पल है
"जिसे संजोने से जिंदगी की शायरी बनती है."
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"गगन टांकड़ा "
(२७/०४/१५)
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