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Friday, October 4, 2019

शायरी जिंदगी की ....




शायरी क्या है ? 

जिंदगी ही तो है 
"बस बयां करनी कुछ सलीके  से है " 


जिंदगी क्या है ?

मोती ही तो हैँ 
"बस पिरोनी यादों के धागे में कुछ तरीके से है "


ये यादें क्या है ?

लम्हे ही तो हैं
"बस जीना जिन्हे जिंदादिली से है "

.........और.......... 

ये लम्हे क्या हैं ?

 जीवन की घडी का वो हर पल  है
"जिसे संजोने से जिंदगी की शायरी बनती है."


⟰⟱⟰⟱⟰⟱⟰⟱⟰⟱⟰⟱ 

     
 "गगन टांकड़ा "
(२७/०४/१५)



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