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Wednesday, December 4, 2019

चाँद की छोर


चाँद की छोर
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चाँद की छोर पर उकरी तुम वो चांदनी हो।।
  जो चमकती तो बहुत है मगर नजरें उन्हें सोखती नही।

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गगन टांकड़ा
(28।02।18)

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