जीवन में कई बार ऐसा समय आता हे ,जब हम अपने मन की बातों को किसी के साथ साझा करना चाहते है,मगर कर नहीं पाते।
ऐसे समय में दिल शब्दों को जज्बातों की भट्टी गलकर स्याही बनता हे ,और मन के पंख की कलम से उसे सपनों के कागज पर उकेर देता हे.
ऐसे ही कुछ जज़्बात यहाँ बयां कर रहा हूँ
कुछ मेरे हेे , कुछ अपनों के,तो कुछ समाज के.
आशा करता हूँ मेरी इस कोशिश को आपका प्यार जरूर मिलेगा।
audio
C:\Users\VISHAL\Documents\Sound recordings
Thursday, April 16, 2020
जो वफ़ा सच्ची होती
जो वफ़ा सच्ची होती ➢➢➢➢➢➢➢➢➢➢➢➢ जो वफ़ा सच्ची होती तो टूटते शब्दों से भी फ़साने बन जाते ➢➢➢➢➢➢➢➢➢➢➢➢
No comments:
Post a Comment