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Wednesday, April 29, 2020

क्यूँ छेड़ते हो तार दिलों के


क्यूँ  छेड़ते हो तार दिलों के 
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क्यूँ  छेड़ते हो तार दिलों के 
उन्हें खामोश ही रहने दो 
जो दफ़न हे जेहन में कुछ राज 
उन्हें दफन ही रहने दो 

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गगन टांकड़ा 
(०७-०१-२०१७)

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