यूँ तो तुम
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यूँ तो तुम राहों के हमसफ़र बन ना सके।
हो सके तो यादों में ही संग रहो।
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गगन टांकड़ा
(२४-०९-१६)
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यूँ तो तुम राहों के हमसफ़र बन ना सके।
हो सके तो यादों में ही संग रहो।
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गगन टांकड़ा
(२४-०९-१६)
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