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Thursday, April 23, 2020

की वक़्त है चिन दो दरार


की वक़्त है चिन दो दरार 
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की वक़्त है चिन दो दरार 
अपने"अहम " की दीवारों की। 
कि जब मेरे दिल का लहु बहेगा 
तो सैलाब आएगा। 

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(गगन टांकड़ा )
(०५-११-२०१६)

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