पूछा है आज किसी ने , क्यों न कर लूँ मैं खुद की ही इबादत....
फ़क़ीरों ने बताया है , मुझमे ही खुदा है।
मैनें भी हंसकर जवाब दिया और बोला।
कि इबादत खुद से होती है खुद की नहीं
इबादत खुद से होती है खुद की नहीं
गर खुद की इबादत करोगे तो डर ये है......
खुद को ही खुदा करार करदोगे ।
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गगन टांकड़ा
(११-०६-२०२०)

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