*फरियादें करते रहे जिंदगी भर........
कबूल हो जाती तो क्या बात थी।
*रंजो _गम थे शिकवे थे न जाने कितने....
तभी तो आज दूर होगए हम।
*बस दिल में एक कसक बाकी है। ......
जो मोहोब्बत ज़िंदा रही तो फिर मिलेंगे।
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"गगन टांकड़ा "
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