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Wednesday, September 25, 2019

हम फिर मिलेंगे

*फरियादें करते रहे  जिंदगी भर........ 
              कबूल हो जाती तो  क्या बात थी। 


*रंजो _गम थे  शिकवे थे न जाने कितने.... 
तभी तो आज  दूर होगए हम। 


*बस दिल में एक कसक बाकी है। ...... 
जो मोहोब्बत ज़िंदा रही तो फिर मिलेंगे। 
__*__*__
 

"गगन टांकड़ा "

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