audio

C:\Users\VISHAL\Documents\Sound recordings

Friday, November 22, 2019

एक दिल कहीं दफ़न पड़ा है

एक दिल कहीं दफ़न पड़ा है 
↔↔↔↔↔↔↔↔↔↔↔↔

जिन्दा नहीं यहाँ  कुछ भी 
बस एक सन्नाटा सा पसरा पड़ा है 
इस वीरान महल में 
एक आशिक़ का दिल कहीं दफ़न पड़ा है 

कुछ आवाज सी आती है 
कहीं से आज भी 
लगता है शायद वो आज भी तड़प रहा है 
 .... 
किसी बेवफा के इन्तजार में 

↔↔↔↔↔↔↔↔↔↔↔↔


 गगन टांकड़ा 


No comments:

Post a Comment