खुदा से जो पूछा जन्नत है कहाँ
वो बोला
माँ के क़दमों में है।
जो पूछा बंदगी है कहाँ
वो बोलै
पिता के सदके में है।
जो पूछा आखिर जिंदगी है कहाँ
वो हंसकर बोला ,,,,,,,,,, पगले
जिंदगी छुपी है यारों के संग बिताए हर लम्हे में------
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गगन टांकड़ा
(१०/१०/१४)
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