स्वेटर जाड़े में
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स्वेटर जाड़े में ।
जानवर बाड़े में ।
हो तो अच्छा ।।
साड़ी का छोर।
मन की डोर ।
काबू में अच्छा।।
बिन सुपारी पान ।
बे-लगाम जुबान ।
ना हो तो अच्छा।।
कांच चकनाचूर ।
मन ,मद से भरपूर ।
ना हो तो अच्छा।।
खाट ,बिन बान।
मन में शैतान।
ना हो अच्छा ।।
मंजन करना नहीँ मजबूरी।
आदमखोर का मरना जरूरी।
है मन्त्र सच्चा ।।
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गगन टांकड़ा
(१२-०४-२०२०)
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