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Tuesday, April 14, 2020

ख्वाबो से रजा

ख्वाबो से रजा 

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ख्वाबो से रजा 
हक़ीक़त से रुसवाई 
तुम क्या समझोगे किसी की वफाई 
तंगदिल हो ये सोचते थे हम 
दिल-जले हो तुम ये मालूम न था 


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गगन टांकड़ा 
(१४-०२-२०२०)

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