audio

C:\Users\VISHAL\Documents\Sound recordings

Tuesday, May 5, 2020

फिर से बाहर निकलने को उकसाता हूँ


फिर से बाहर निकलने को उकसाता हूँ
⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫

फिर से बाहर निकलने को उकसाता हूँ। 
मैं वो बचपन हूँ जो हर उम्र में तरसाता हूँ। 

⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫⧫
गगन टांकड़ा 
(२८-०४-१७)

No comments:

Post a Comment