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Friday, May 1, 2020

लो फिरसे एक और चाँद


लो फिरसे एक और चाँद
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लो फिरसे एक और चाँद निकल आया है। 
तेरी यादों के फूलों को फिरसे  महकाने के लिए। 


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गगन टांकड़ा 
(०६-०३-२०१७)

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