कोई बात नहीं जो अभी तक ठंडा नहीं हुआ जिगर तुम्हारा।
मैनें देर से ही सही धधकती चिताओ को भी शांत होते देखा है।
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गगन टांकड़ा
(११-०६ -२०२० )
मैनें देर से ही सही धधकती चिताओ को भी शांत होते देखा है।
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गगन टांकड़ा
(११-०६ -२०२० )
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