जिसके लिए लिखे थे एहसास
उसने कभी वो पढ़े ही नहीं।
और जिसने पढ़ा उन शब्दों को
एहसास मेरे समझे ही नहीं।
⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹⇹
गगन टांकड़ा
(११-०६-२०२०)
उसने कभी वो पढ़े ही नहीं।
और जिसने पढ़ा उन शब्दों को
एहसास मेरे समझे ही नहीं।
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गगन टांकड़ा
(११-०६-२०२०)
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