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Thursday, September 26, 2019

दीदार

 शिकवे शिकायतें  होती रहेंगी रातभर 

"रूठना मनाना चलता रहेगा रात भर 


इन रातों में तो रोज आते हो तुम 

मगर आज मिले हो हक़ीक़त में 
कुछ पलों क लिए .... 


जी --भर के देख लेना चाहता हूँ 
आपके इस नूर को 
न जाने कब होगा फिर दीदार इस तरह......."



 :गगन टांकड़ा :
{०७/१०/२०१३} 

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