कुछ बात तो हुई होगी
बिछड़ने के बाद मेरी याद तो आई होगी
कुछ आंसू तो छलके होंगे
कुछ यादें याद आई होंगी
कुछ बात तो हुई होगी
बिछड़ने के बाद मेरी याद तो आई होगी
तन्हाई तो सालती होंगी
भीड़ में भी तनहा खुदको पाती होगी
कुछ बात तो हुई होगी
बिछड़ने के बाद मेरी याद तो आई होगी
दिन में अँधेरे से दोस्ती
और
रात में रौशनी से यारी होगी
कुछ बात तो हुई होगी
बिछड़ने के बाद मेरी याद तो आई होगी
लोगों से बात करने का मन ना होगा
बस सुनाने को मेरी आवाज कसक जागी होगी
कुछ बात तो हुई होगी
बिछड़ने के बाद मेरी याद तो आई होगी
इज़हार-ऐ-ग़म बयान करने के रास्ते ढूंढें होंगे
ये यकीं हे मुझे
मन ही मन अश्कों की नदी बही होगी
कुछ बात तो हुई होगी
बिछड़ने के बाद मेरी याद तो आई होगी
➤➤➤➤गगन टांकड़ा ➤➤➤➤
(२९/०६/१५)
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