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Friday, September 27, 2019

बता में क्या करूं

अगर गुनाह तुझसे मोहोब्बत करना 
जो की है मैने 
बता में क्या करूं

ना कहा ना चूमा हाथों को 
इजहार किया सिर्फ निगाहों से 
बता मेँ क्या करुँ 

तड़पता हूँ तन्हाई में रोज 
समझ नहीं आता जियूं या मरू 
बता में क्या करू 



:गगन टांकड़ा:
(३१/०१/१४)

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