ना ही सो पाता हूँ
======================
तेरी रुसवाई मुझे सोने नहीं देती ,
और इस रंगीन मौसम में
ये दिल तेरी यादों के संग ही सोने की जिद करता है।
\
========================================================
गगन टांकड़ा
(२४-०९-१६)
No comments:
Post a Comment